कृपया ध्यान दें: कुछ लिंक में जानकारी अंग्रेज़ी में हो सकती है।
अगर आप अपने ईकॉमर्स बिज़नेस को बढ़ाना चाहते हैं, तो अपने देश की सीमाओं से बाहर विस्तार करना अगला अच्छा कदम हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि आपको अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का तरीका समझना होगा, और यह काम अक्सर सुनने में जितना आसान लगता है, उतना होता नहीं है।
ईकॉमर्स के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सही तरीके से करने के लिए आपको ऐसी शिपिंग रणनीति चाहिए जो आपके और आपके बिज़नेस के लिए काम करे। आपको शिपिंग और फुलफिलमेंट की हर बारीकी जानना जरूरी नहीं है, लेकिन उपलब्ध विकल्पों, उनकी लागत, और लंबे समय तक आपकी शिपिंग जरूरतों को पूरा करने वाले तरीके को समझना जरूरी है।
यहाँ वह सब है जो आपको अंतरराष्ट्रीय ईकॉमर्स शिपिंग के बारे में जानना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग क्या है?
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का मतलब है सामान को विदेशी सीमाओं के पार भेजना। यह वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने और आपके बिज़नेस वाले देश के बाहर के ग्राहकों तक बिक्री पहुँचाने में अहम भूमिका निभाती है। घरेलू शिपिंग की तुलना में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में कुछ बड़े अंतर होते हैं, खासकर लागत और दस्तावेज़ों के मामले में।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग आमतौर पर घरेलू शिपिंग से महंगी होती है, क्योंकि पैकेज को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इसमें अक्सर हवाई, सड़क और समुद्री, कई तरह के परिवहन शामिल होते हैं। इसके अलावा, गंतव्य देश के लिए आयात कर और ड्यूटी भी लग सकती है।
दस्तावेज़ों की बात करें, तो अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के लिए कस्टम फ़ॉर्म चाहिए होते हैं, जबकि घरेलू शिपमेंट में आमतौर पर उनकी जरूरत नहीं होती। ईकॉमर्स अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में समय भी घरेलू शिपमेंट की तुलना में अधिक लगता है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग क्यों महत्वपूर्ण है
अपनी सीमाओं के बाहर बेचना आपके बिज़नेस के लिए एक महत्वपूर्ण विकास अवसर हो सकता है, भले ही आप सिर्फ कुछ उत्पाद ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजते हों। इसलिए लॉजिस्टिक्स को सीधे और गंभीरता से संभालना समझदारी है। इन बातों पर ध्यान दें:
- ओबरलो के अनुसार, दुनिया भर में 2.71 अरब ऑनलाइन खरीदार हैं।
- स्टैटिस्टा के मुताबिक, 2023 में रिटेल ईकॉमर्स बिक्री 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँची।
- स्टैटिस्टा के शोध में यह भी पाया गया कि अंतरराष्ट्रीय बिक्री का औसत ऑर्डर मूल्य 121 डॉलर है, जो औसत घरेलू बिक्री से 9 डॉलर अधिक है।
ये आँकड़े दिखाते हैं कि दुनिया भर के ऑनलाइन खरीदार अब अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की उम्मीद करते हैं, और ईकॉमर्स बिज़नेस तेजी से इस उम्मीद को पूरा कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग आपके जैसे स्टोर के लिए बड़े ग्राहक समूह तक पहुँचने का अवसर बनाती है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रणनीति कैसे बनाएं
हर बिज़नेस के लिए एक तयशुदा सर्वोत्तम तरीका बताना मुश्किल है, लेकिन आपकी ईकॉमर्स अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रणनीति में कुछ मुख्य फैसले ऐसे हैं जिन पर आपको जरूर विचार करना होगा।
ध्यान दें: इस लेख में दिए गए कुछ उदाहरण, शिपिंग कैरियर, फुलफिलमेंट सेवाएँ और सुविधाएँ मुख्य रूप से अमेरिका, कनाडा या अन्य अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों पर आधारित हैं और इन्हें केवल जानकारी व सीखने के उद्देश्य से शामिल किया गया है। भारत में उपलब्ध शिपिंग विकल्प, शुल्क और सेवाएँ अलग हो सकती हैं।
अगर आप भारत से कारोबार कर रहे हैं, तो किसी भी शिपिंग समाधान को अपनाने से पहले अपने लक्ष्य देश, चुने गए कैरियर और लागू स्थानीय नियमों के अनुसार उसकी ताज़ा उपलब्धता, दरों और शर्तों की जांच ज़रूर कर लें।
तय करें कि कहाँ और क्या भेजना है
सबसे पहले आपको यह तय करना होगा कि आप किन देशों और क्षेत्रों में शिपिंग करेंगे और कौन से उत्पाद भेजेंगे।
समझ नहीं आ रहा कि पहले किन बाज़ारों में विस्तार करें? ये संकेत आपके विकल्प सीमित करने में मदद कर सकते हैं।
- छोटे और नज़दीकी बाज़ार से शुरुआत करें: अगर आप शिपमेंट का गंतव्य अपने देश के पास रखते हैं, तो डिलीवरी समय और दरों को लेकर ग्राहकों की अपेक्षाएँ अधिक यथार्थवादी रहती हैं। छोटे और नज़दीकी बाज़ार से शुरुआत करने पर आपको विस्तार की वास्तविक चुनौतियों का अंदाज़ा भी हो जाता है।
- मौजूदा मांग पर नज़र रखें: अपने स्टोर के ट्रैफ़िक एनालिटिक्स देखें और जानें कि कौन से देश या बाज़ार आपके ऑनलाइन स्टोर पर आ रहे हैं। आप ग्राहकों के सीधे अनुरोधों से भी रुचि समझ सकते हैं। बार-बार विज़िट या अधिक ट्रैफ़िक आपके उत्पादों में दिलचस्पी का संकेत हो सकता है।
- विस्तार वाले बाज़ार की भाषाओं पर विचार करें: ग्राहकों के साथ काम करते समय संवाद बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप कुछ भाषाएँ जानते हैं, तो पहले उन देशों में विस्तार पर विचार करें जहाँ वे भाषाएँ बोली जाती हैं। अगर आप सिर्फ एक भाषा जानते हैं, तो ऐसे बाज़ार खोजें जहाँ वही भाषा प्रमुख हो।
- लक्ष्य देश के लिए उत्पाद-बाज़ार अनुकूलता सुनिश्चित करें: क्या दुनिया में ऐसे बाज़ार हैं जो आपके बिज़नेस के लिए दूसरों की तुलना में अधिक उपयुक्त लगते हैं? यहाँ कुछ शोध की जरूरत पड़ सकती है। ईकॉमर्स पैठ की जाँच एक अच्छा पहला कदम हो सकता है। उन बाज़ारों के उपभोक्ता रुझान और पसंद को समझें। जो चीज़ एक देश में उत्सव का उपहार मानी जाती है, वह दूसरे देश में अलग अर्थ रख सकती है।
इसके बाद आपको यह तय करना होगा कि क्या भेजना है। हो सकता है आप अपनी पूरी उत्पाद श्रृंखला उपलब्ध कराना चाहें, लेकिन यह हमेशा संभव नहीं होता। दुनिया भर में डिलीवरी शुरू करने से पहले अपने उत्पादों और बिज़नेस के इन पहलुओं पर विचार करें।
- ऊपर की बातों को ध्यान में रखते हुए, क्या ऐसे उत्पाद हैं जो उन अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में पसंद किए जाएंगे जहाँ आप शिपिंग करना चाहते हैं?
- हल्के और छोटे उत्पाद पैक करना आसान होते हैं और उन्हें भेजना भी अधिक किफायती पड़ता है।
- पैकेजिंग जितनी मजबूत होगी, उतना बेहतर। नाज़ुक उत्पाद अगर सही तरह से पैक न किए जाएँ तो रास्ते में खराब हो सकते हैं, जिससे डिलीवरी अनुभव खराब हो सकता है। अगर आप ऐसे उत्पाद भेजते हैं, तो मजबूत उत्पाद पैकेजिंग में निवेश करें।
देशों के नियम और विनियम समझें
जब आपको यह समझ आ जाए कि कौन से क्षेत्र तुरंत अवसर दे सकते हैं और आप कौन से उत्पाद भेजेंगे, तब देश-आधारित नियमों और विनियमों की जाँच करने का समय है।
कुछ देश कुछ सामानों पर पूरी तरह रोक लगाते हैं, जबकि कुछ उन्हें सीमित करते हैं। लागू नियमों और उनके आपके शिपमेंट पर असर को समझना सुचारु डिलीवरी में मदद करता है।
यह जानकारी पाने के कुछ तरीके हैं:
- कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियाँ और लॉजिस्टिक्स प्रदाता ऐसे ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध कराते हैं, जिनकी मदद से आप मूल और गंतव्य देश के आधार पर देश-विशिष्ट नियमों, प्रतिबंधों और दस्तावेज़ संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- जाँचें कि आपके उत्पाद किसी खास गंतव्य देश में आयात किए जा सकते हैं या नहीं। उदाहरण के लिए, कुछ देशों में कुछ प्रकार की कलाकृतियों की शिपमेंट प्रतिबंधित हो सकती है।
- देखें कि आपके किसी उत्पाद या उसके घटक को शिपिंग के दौरान "खतरनाक सामान" तो नहीं माना जाता। खतरनाक सामान वह उत्पाद होता है जो ट्रांज़िट के दौरान नुकसान पहुँचा सकता है। इस जानकारी के लिए संबंधित देश की आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या कस्टम विभाग की वेबसाइट सबसे विश्वसनीय स्रोत होती है। यदि आपको किसी उत्पाद को लेकर संदेह हो, तो अपने चुने हुए शिपिंग पार्टनर या संबंधित देश के आयात प्राधिकरण से पुष्टि करना बेहतर होता है।
- अगर संदेह हो, तो अपने संभावित गंतव्य के स्थानीय आयात या कस्टम कार्यालय से संपर्क करें।
शुल्क के बारे में पूरी स्पष्टता रखें
यह शायद किसी भी ईकॉमर्स अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है: डिलीवरी लागत के बारे में ग्राहकों से जितना हो सके उतना स्पष्ट और खुला संवाद रखें। चेकआउट पर उन्हें अचानक बढ़ी हुई कुल लागत से चौंकाएँ नहीं।
बेयमार्ड इंस्टीट्यूट के अनुसार, 2024 में ईकॉमर्स साइटों पर जिन कार्ट छोड़ने के मामलों का उन्होंने अध्ययन किया, उनमें लगभग 50% में अतिरिक्त शिपिंग शुल्क और लागत एक कारण थे।
शॉपिफ़ाई के अपने शोध यह देखते हैं कि नए ऑनलाइन स्टोर से खरीदारी करने वाले ग्राहकों की खरीद यात्रा के दौरान ग्राहक भरोसा कैसे बनता है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में, ऐसी शिपिंग नीति जिसमें साफ लिखा हो कि ड्यूटी और टैक्स कौन देगा, भरोसा बनाने और बिक्री जीतने के लिए जरूरी है।
इन लागतों को बताने की एक जगह आपकी पॉलिसी पेज हैं। साफ-साफ लिखें कि आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कहाँ और कैसे शिपिंग करते हैं, और कौन-कौन सी लागतें लागू हो सकती हैं।
आप अपनी शीर्ष नेविगेशन में झंडे जोड़कर भी शिपिंग उपलब्धता दिखा सकते हैं। ग्राहकों को यह बताना कि आप कहाँ डिलीवरी करते हैं, सिर्फ लागत तक सीमित नहीं है। शिपिंग & प्रोमो बार जैसा टूल आपकी शिपिंग और दरों को वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाने में मदद कर सकता है।
ग्राहक को शिपिंग लागत, या संभावित लागत, बताने के लिए उपलब्ध हर विकल्प का उपयोग करना बेहतर है, चाहे वह होमपेज हो, उत्पाद पेज हो या पॉलिसी पेज। इससे दोनों पक्षों की अपेक्षाएँ स्पष्ट होती हैं, और ग्राहक को खरीद पूरी करने का भरोसा मिलता है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत कैसे निकालें
अंतरराष्ट्रीय डिलीवरी की लागत तय करने के पाँच मुख्य हिस्से होते हैं। ये पाँचों मिलकर तय करते हैं कि आप दुनिया भर में कितनी प्रभावी शिपिंग कर पाएंगे।
1. पैकेजिंग
कुछ भी भेजने से पहले आपको पैकेजिंग सामग्री चाहिए होगी। अलग-अलग आकार की शिपमेंट के लिए आपको कई बॉक्स आकार रखने पड़ सकते हैं। आपको बबल रैप या भराव सामग्री जैसी कुशनिंग भी चाहिए हो सकती है। पैकेजिंग आप ऑनलाइन, डाकघर या ऑफिस सप्लाई स्टोर से ले सकते हैं।
सामान्य तौर पर, पैकेजिंग मजबूत होनी चाहिए, लेकिन अनावश्यक रूप से जटिल नहीं। कोई भी ग्राहक एक ही उत्पाद के लिए तीन अलग-अलग आकार के बॉक्स नहीं खोलना चाहता।
मजबूत पैकेजिंग और कम लागत के बीच संतुलन बनाने के लिए थोड़ी खोजबीन करनी पड़ सकती है। जहाँ संभव हो, बेहतर सौदे खोजें। उदाहरण के लिए, भारत में कई शिपिंग पार्टनर और 3PL कंपनियाँ ब्रांडेड पैकेजिंग या रियायती पैकेजिंग सामग्री उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा, पैकेजिंग सामग्री स्थानीय होलसेल मार्केट, Amazon Business या IndiaMART से भी खरीदी जा सकती है।
पैकेजिंग की लागत को कुल उत्पाद लागत में जोड़ना आमतौर पर सीधा होता है। आकार, सामग्री और गुणवत्ता के आधार पर, अधिकांश पैकेजिंग की लागत प्रति यूनिट लगभग ₹20 से ₹150 के बीच हो सकती है। उदाहरण के लिए, छोटे उत्पादों के लिए साधारण बॉक्स और कुशनिंग सामग्री की लागत अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि बड़े या नाज़ुक उत्पादों के लिए मजबूत पैकेजिंग की आवश्यकता होने के कारण लागत अधिक हो सकती है।
2. शिपिंग की लागत
शिपिंग लागत को अपने मूल्य निर्धारण तरीके में शामिल करना सही कीमत तय करने का जरूरी हिस्सा है। आप न तो शिपिंग पर नुकसान उठाना चाहते हैं और न ही ग्राहकों से ज़्यादा वसूलना चाहते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपका तरीका सही है, इन चरणों पर विचार करें:
तुलना करें और समझें
क्या आप बहुत से एक जैसे आकार वाले उत्पाद भेजते हैं? या कुछ अलग आकार और वजन वाले पैकेज? यह अंतर स्वाभाविक रूप से आपकी शिपिंग कीमत को प्रभावित करेगा।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत निकालने का एक तरीका यह है:
- जिन कैरियर का आप उपयोग करेंगे, उनके रेट कैलकुलेटर से अपने औसत घरेलू ऑर्डर की कीमत ऐसे निकालें जैसे आप उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेज रहे हों।
- फिर अपने सबसे छोटे घरेलू ऑर्डर के लिए यही करें।
- अब अपने सबसे बड़े घरेलू ऑर्डर की लागत निकालें।
इन तीन आँकड़ों से आपको ईकॉमर्स अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की कीमत का अच्छा अंदाज़ा मिल जाएगा। इससे यह भी समझ आएगा कि कौन सी शिपमेंट दूसरों की तुलना में अधिक महंगी पड़ सकती है।
भारत में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए आप इन प्रमुख कैरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की दरों और सेवाओं की तुलना कर सकते हैं:
- India Post (इंडिया पोस्ट)
- DHL Express (डीएचएल एक्सप्रेस)
- FedEx (फेडएक्स)
- UPS (यूपीएस)
- Aramex (अरामेक्स)
- DTDC International (डीटीडीसी इंटरनेशनल)
- Delhivery Cross Border (डेल्हीवरी क्रॉस बॉर्डर)
- Blue Dart International (ब्लू डार्ट इंटरनेशनल)
यहाँ दो उदाहरण हैं कि अलग-अलग ब्रांड वैश्विक शिपिंग को कैसे देख सकते हैं:
ब्रांड A:
- सबसे छोटे घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹500 है।
- औसत घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹1,500 है।
- सबसे बड़े घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹12,000 है।
ब्रांड B:
- सबसे छोटे घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹150 है।
- औसत घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹300 है।
- सबसे बड़े घरेलू ऑर्डर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने की लागत लगभग ₹400 है।
ब्रांड A के लिए शिपिंग लागत का दायरा काफी बड़ा है, जबकि ब्रांड B का दायरा अपेक्षाकृत छोटा है। संभव है कि ब्रांड A भारी, बड़े आकार वाले या विविध प्रकार के उत्पाद बेच रहा हो, जबकि ब्रांड B के उत्पाद आकार, वजन और लागत के मामले में अधिक एकसमान हों। इस वजह से ब्रांड B के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत अधिक अनुमानित और नियंत्रित रहती है।
अपनी कीमत संरचना तय करें
दुनिया भर में डिलीवरी के लिए तीन मुख्य मूल्य संरचनाएँ हैं: फ्री शिपिंग, कैरियर-गणना शिपिंग, और फ्लैट रेट शिपिंग।
- फ्री शिपिंग: फ्री शिपिंग या फ्री शिपिंग थ्रेशहोल्ड ग्राहकों और बिज़नेस दोनों के लिए अच्छे हो सकते हैं, क्योंकि ये कार्ट में अधिक उत्पाद जोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं और औसत ऑर्डर मूल्य बढ़ाते हैं। अगर आपका लाभ मार्जिन आपको अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर फ्री भेजने की अनुमति देता है, तो इस विकल्प पर विचार करें।
- कैरियर-रेट शिपिंग: शॉपिफ़ाई पहले से कुछ कैरियर के साथ जुड़ा हुआ है, जैसे शॉपिफ़ाई कई वैश्विक कैरियर के साथ इंटीग्रेशन प्रदान करता है। भारत के व्यापारी DHL Express, FedEx, UPS, Aramex, Blue Dart और विभिन्न थर्ड-पार्टी शिपिंग एग्रीगेटर प्लेटफ़ॉर्म (जैसे Shiprocket या iThink Logistics) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर पूरे कर सकते हैं। यह ग्राहकों को शिपिंग विकल्प और रीयल-टाइम कीमतें दिखाता है। यह तरीका उन व्यापारियों के लिए अच्छा है जो हर ऑर्डर पर लेबल लागत पूरी तरह कवर करना चाहते हैं।
- फ्लैट रेट शिपिंग: फ्लैट रेट शिपिंग, जिसे फ्री थ्रेशहोल्ड के साथ जोड़ा जा सकता है, ग्राहक अनुभव के लिए अच्छा विकल्प है क्योंकि इससे चेकआउट अनुमानित रहता है और कार्ट मूल्य बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। इस तरीके में व्यापारी को अपने लाभ और लागत की अच्छी समझ होनी चाहिए ताकि सही फ्लैट रेट तय किया जा सके। फ्लैट रेट का मतलब है कि हर ऑर्डर पर लाभ अलग हो सकता है, लेकिन सही दर के साथ यह कुल विकास को बढ़ावा देता है।
3. हैंडलिंग शुल्क
पैकेजिंग और सामग्री की लागत के साथ, आप हैंडलिंग शुल्क जोड़ने पर भी विचार कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट सामान्य घरेलू ऑर्डर की तुलना में कहीं अधिक सुविधाओं और चरणों से गुजरते हैं। इसलिए इन्हें अधिक सावधानी से पैक करना चाहिए, और यही आपकी हैंडलिंग का हिस्सा है। हैंडलिंग शुल्क तय करने के लिए खुद से ये सवाल पूछें:
- शिपमेंट तैयार और पैक करते समय आपकी न्यूनतम प्रति घंटा मजदूरी क्या है?
- औसतन एक ऑर्डर को शिपमेंट के लिए तैयार करने में कितना समय लगता है, ऑर्डर देखने से लेकर उसे भेजने तक?
अब आप अपनी हैंडलिंग लागत निकाल सकते हैं। उदाहरण के लिए:
अगर एक ऑर्डर को शिपमेंट के लिए तैयार करने में आमतौर पर 10 मिनट लगते हैं, और इन पैकेजों को तैयार करने की श्रम लागत ₹900 प्रति घंटा है, तो लागत कवर करने के लिए आप लगभग ₹150 का हैंडलिंग शुल्क जोड़ सकते हैं।
(10 मिनट / 60 मिनट) × ₹900 = ₹150 हैंडलिंग लागत
फिर से, हैंडलिंग लागत जोड़ना पूरी तरह आपके ऊपर है, और आपको वही करना चाहिए जो आपके बिज़नेस के लिए सही हो। ध्यान रखें कि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर आमतौर पर थोड़े महंगे होते हैं, और अंतरराष्ट्रीय ग्राहक अच्छी शिपिंग के लिए थोड़ा अधिक भुगतान करने की उम्मीद रखते हैं। अच्छी शिपमेंट का बड़ा हिस्सा यह है कि उसे कैसे संभाला और पैक किया गया है।
4. ड्यूटी और टैक्स
अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट कई कारकों के आधार पर ड्यूटी और टैक्स के अधीन हो सकते हैं। इसलिए शोध करना और किसी भी ड्यूटी व टैक्स को अपनी मूल्य निर्धारण रणनीति में शामिल करना महत्वपूर्ण है, खासकर उन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के लिए जिन्हें आप लक्ष्य बना रहे हैं। आप ड्यूटी कैलकुलेटर का उपयोग करके यह समझ सकते हैं कि गंतव्य देश के अनुसार आपके उत्पादों पर कौन से ड्यूटी और टैक्स लागू हो सकते हैं।
टैक्स आमतौर पर गंतव्य देश, और कभी-कभी राज्य या प्रांत, के तय प्रतिशत पर आधारित होते हैं। दूसरी ओर, ड्यूटी कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे:
- भेजे जा रहे सामान का मूल्य
- मूल देश, या जहाँ सामान बनाया गया
- भेजे जा रहे सामान का प्रकार और उन्हें बनाने में इस्तेमाल सामग्री
डिफ़ॉल्ट रूप से, आयातक, यानी आपका ग्राहक, शिपमेंट पर लगने वाले टैक्स या ड्यूटी के लिए जिम्मेदार होता है और ऑर्डर पाने से पहले उसे यह भुगतान करना पड़ता है। इसे Delivered Duty Unpaid (DDU) या अधिक औपचारिक रूप से Delivered At Place (DAP) कहा जाता है। खरीदार को अतिरिक्त शुल्क के बारे में स्पष्ट जानकारी देना बहुत जरूरी है, ताकि उनकी अपेक्षाएँ सही रहें और रिटर्न व चार्जबैक से बचा जा सके। अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट रिटर्न पॉलिसी जरूर रखें।
तेजी से बदलती व्यापार नीतियों और टैरिफ़ को संभालने के लिए अधिक मार्गदर्शन हेतु हमारी टैरिफ़ समझने की गाइड देखें।
अगर आप ग्राहकों को अधिक सहज और बिना चौंकाने वाला खरीद अनुभव देना चाहते हैं, तो आप इन शुल्कों का भुगतान खुद करने का विकल्प चुन सकते हैं। इसे Delivered Duty Paid (DDP) कहा जाता है। इस स्थिति में आप ये शुल्क पहले से वसूलते हैं।
लॉजिस्टिक्स के स्तर पर, आपको उपयुक्त शिपिंग लेबल चुनना होगा, चाहे वह DDU/DAP हो या DDP, और अपनी अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के साथ आवश्यक कस्टम दस्तावेज़ शामिल करने होंगे। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी, इसकी जानकारी के लिए आप India Post, CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) या अपने चुने हुए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पार्टनर, जैसे DHL Express, FedEx या UPS, से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। आमतौर पर ये सेवाएँ आवश्यक दस्तावेज़ों और कस्टम आवश्यकताओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराती हैं।
सुझाव: जब आप अपने शॉपिफ़ाई एडमिन से शिपिंग लेबल खरीदते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट पूरा करने के लिए जरूरी कस्टम दस्तावेज़ आपको उपलब्ध करा दिए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट के लिए सही कस्टम कागज़ात देश के अनुसार बदल सकते हैं। लेकिन आमतौर पर ये दो दस्तावेज़ जरूरी होते हैं: कमर्शियल इनवॉइस और एक्सपोर्ट पैकिंग लिस्ट।
कमर्शियल इनवॉइस
कमर्शियल इनवॉइस विक्रेता से खरीदार के लिए भेजे गए उत्पाद का बिल होता है, जो स्वामित्व और भुगतान साबित करने में मदद करता है। भेजे जा रहे उत्पादों का वास्तविक मूल्य तय करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है, और इसी के आधार पर देश कस्टम ड्यूटी और टैक्स का आकलन करता है। इसमें यह जरूरी जानकारी शामिल होनी चाहिए:
- बिज़नेस और ग्राहक के नाम और पते
- शामिल उत्पादों की कीमत, विवरण और मात्रा
- बिक्री कैसे हुई और भुगतान की शर्तें
- शिपिंग का तरीका
आप जिस शिपिंग कंपनी का उपयोग कर रहे हैं, उसके आधार पर कस्टम जानकारी शिपिंग लेबल में ही शामिल हो सकती है। डीएचएल एक्सप्रेस कई देशों के लिए पेपरलेस ट्रेड उपलब्ध कराता है, जिससे अतिरिक्त प्रिंटेड दस्तावेज़ों की जरूरत कम हो जाती है।
एक्सपोर्ट पैकिंग लिस्ट
पैकिंग लिस्ट में आमतौर पर वही बुनियादी जानकारी होती है जो इस फ़ॉर्म में होती है, जैसे खरीदार, विक्रेता या शिपर, इनवॉइस नंबर, शिपमेंट की तारीख, आदि, लेकिन इसमें अधिक विस्तृत जानकारी भी शामिल होती है, जैसे:
- परिवहन का माध्यम
- कैरियर की जानकारी
- पैकेज का वजन और माप, आमतौर पर मीट्रिक इकाइयों में
- पैकेजों का प्रकार और संख्या
- पैकेज मार्किंग
5. लाभ मार्जिन
हालाँकि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग शायद पैकेज भेजने का सबसे सस्ता तरीका नहीं है, फिर भी सही तरीके के साथ यह लाभदायक हो सकती है। यह जरूरी है कि आप लाभ कमाते रहें, वरना अंतरराष्ट्रीय विस्तार आपके नतीजों में वास्तविक मदद नहीं करेगा।
अपने उत्पादों और शिपिंग शुल्क की कीमत ऐसी रखें कि आप प्रतिस्पर्धी भी रहें और अच्छा लाभ मार्जिन भी कमा सकें। लागत और अतिरिक्त समय को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट पर आपका लाभ मार्जिन कम हो सकता है। लेकिन अगर आप अपने ब्रांड को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना चाहते हैं, तो यह निवेश सार्थक हो सकता है। यह खास तौर पर तब महत्वपूर्ण है जब आप विदेशी ग्राहकों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को अधिक किफायती बनाने हेतु उसकी कुछ या पूरी लागत खुद वहन करने की योजना बना रहे हों।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी कीमत लाभदायक है, आप अलग-अलग आँकड़े शॉपिफ़ाई के फ्री प्रॉफिट मार्जिन कैलकुलेटर में डाल सकते हैं।
शॉपिफ़ाई के साथ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लागत कैसे कम करें
शॉपिफ़ाई की शिपिंग सुविधाएँ और शॉपिफ़ाई फुलफिलमेंट नेटवर्क आपको अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में मदद करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराते हैं। शॉपिफ़ाई फुलफिलमेंट नेटवर्क आपको Flexport, Amazon Multi-Channel Fulfillment, BigBlue, DHL Fulfillment Network, ShipBob, ShipFusion और ShipMonk जैसे वैश्विक 3PL पार्टनर से जोड़ता है। हालांकि इनमें से कई सेवाएँ मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के व्यापारियों के लिए अधिक उपयुक्त हैं। भारत के व्यापारी Shiprocket Fulfillment, Delhivery, WareIQ और iThink Logistics जैसे स्थानीय विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। ये सभी समाधान आपके शॉपिफ़ाई स्टोर के साथ एकीकृत किए जा सकते हैं।
शॉपिफ़ाई कई देशों में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स इंटीग्रेशन का समर्थन करता है। उपलब्ध सुविधाएँ और सेवाएँ आपके स्थान और चुने गए शिपिंग पार्टनर के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। आप अपने एडमिन से सीधे 3PL पार्टनर खोज और तुलना भी कर सकते हैं, इसे इंस्टॉल करना फ्री है, और आप सेवाओं के लिए सीधे फुलफिलमेंट पार्टनर को भुगतान करते हैं।
उपलब्ध रियायती दरें देश और चुने गए शिपिंग पार्टनर के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। भारत के व्यापारी Shiprocket, iThink Logistics, NimbusPost या सीधे DHL, FedEx और Aramex जैसी कंपनियों के माध्यम से प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग दरें प्राप्त कर सकते हैं।
जब आप अपने शॉपिफ़ाई एडमिन से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेबल खरीदते हैं, तो सही कस्टम फ़ॉर्म और दस्तावेज़ अपने आप तैयार हो जाते हैं और किसी भी सामान्य प्रिंटर से प्रिंट किए जा सकते हैं, DPP को छोड़कर, जब तक आप शॉपिफ़ाई का मैनेज्ड मार्केट्स उपयोग नहीं कर रहे हों। कुछ अंतरराष्ट्रीय कैरियर, जैसे DHL Express, कई देशों के लिए पेपरलेस ट्रेड और इलेक्ट्रॉनिक कस्टम दस्तावेज़ीकरण की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे अतिरिक्त कागज़ी कार्रवाई की आवश्यकता कम हो सकती है। उपलब्ध सुविधाएँ गंतव्य देश और सेवा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
अगर आप शॉपिफ़ाई मर्चेंट हैं, तो आप मैनेज्ड मार्केट्स का उपयोग करके ड्यूटी कैलकुलेटर और ऐसी प्रबंधित सेवाएँ पा सकते हैं जो टैक्स फाइलिंग, आयात अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग से जुड़े वित्तीय और कानूनी काम संभालती हैं।
जब आप अपनी शिपमेंट भेजनेजब आप अपनी शिपमेंट भेजने के लिए तैयार हों, तो कई अंतरराष्ट्रीय कैरियर और शिपिंग एग्रीगेटर घर या गोदाम से पिकअप की सुविधा प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, DHL Express, FedEx, Blue Dart, DTDC, Delhivery, Shiprocket और iThink Logistics जैसी सेवाओं के माध्यम से आप सुविधाजनक पिकअप शेड्यूल कर सकते हैं। के लिए तैयार हों, तो आपके पास किसी भी यूपीएस, डीएचएल एक्सप्रेस या सेंडल शिपमेंट के लिए फ्री या रियायती पिकअप शेड्यूल करने का विकल्प भी होता है, या यूएसपीएस के साथ सीधे पिकअप शेड्यूल करने के लिए लिंक पर जा सकते हैं।
कौन से शिपिंग कैरियर का उपयोग करना है, यह तय करते समय कुछ बातों पर विचार करना चाहिए।
1. लागत
एक से अधिक शिपिंग कंपनी का उपयोग करने से आप कुल मिलाकर अपनी शिपिंग लागत कम कर सकते हैं।
डाक सेवा कैरियर अक्सर अधिक किफायती होते हैं, लेकिन पैकेज प्रकार और गति के बहुत अधिक विकल्प नहीं देते।
एक्सप्रेस कैरियर आमतौर पर तेज़ होते हैं, भारी या बड़े पैकेज संभाल सकते हैं, और अधिक सेवा विकल्प देते हैं, लेकिन महंगे हो सकते हैं। क्षेत्रीय कैरियर सेवाएँ आपके अंतरराष्ट्रीय पैकेज की अंतिम डिलीवरी से जुड़ी समस्याएँ हल कर सकती हैं, लेकिन उन्हें ढूँढना और उनके साथ समन्वय करना कठिन हो सकता है।
अच्छी तरह शोध करें और डाक, एक्सप्रेस और अन्य कैरियर विकल्पों की कीमत निकालें। अपनी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रणनीति के लिए सेवा उपलब्धता समझना एक अच्छा कदम है।
2. डिलीवरी विकल्प
कुछ ग्राहक अपनी खरीद तुरंत चाहते हैं, जबकि कुछ इंतज़ार करने के लिए तैयार होते हैं।
ग्राहकों को बेहतर सेवा देने के लिए डिलीवरी विकल्पों का अच्छा मिश्रण दें। विकल्पों की रेंज देने से वे समय और कीमत के बीच संतुलन चुन सकते हैं, और यही अंतर बिक्री और छोड़े गए कार्ट के बीच हो सकता है।
3. ट्रैकिंग और बीमा
अधिकांश अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियाँ शिपमेंट ट्रैकिंग की सुविधा देती हैं, ताकि आप और आपके ग्राहक आसानी से ऑर्डर की नवीनतम स्थिति देख सकें। ग्राहकों को शुरू से अंत तक ट्रैकिंग विकल्प और खोजने योग्य ट्रैकिंग नंबर प्रदान करने से पारदर्शिता बढ़ती है और खरीदारी का अनुभव बेहतर होता है।
अगर आपको चिंता है कि शिपमेंट खो सकता है या खराब हो सकता है, तो अपने पार्सल का बीमा कराना एक अच्छा कदम है। लगभग सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कैरियर, जैसे DHL Express, FedEx, UPS और Aramex, बीमा विकल्प उपलब्ध कराते हैं। अगर बीमा शिपिंग लागत में शामिल नहीं है, तो इसे अतिरिक्त शुल्क देकर आसानी से जोड़ा जा सकता है।
कई शिपिंग प्लेटफ़ॉर्म और कैरियर उच्च-मूल्य वाले ऑर्डर के लिए अतिरिक्त बीमा कवरेज भी प्रदान करते हैं। कवरेज की सीमा, पात्रता और लागत सेवा प्रदाता और गंतव्य देश के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
इसके अलावा, कुछ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं में सीमित बीमा कवरेज पहले से शामिल हो सकता है। अगर ऐसा नहीं है, तो आप घोषित मूल्य के आधार पर अतिरिक्त कवरेज खरीद सकते हैं। उच्च-मूल्य वाले उत्पादों के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान से बचाने में मदद कर सकती है।
आप जो भी विकल्प चुनें, अगर आप किसी दूसरे देश में महंगे या उच्च-मूल्य वाले उत्पाद भेज रहे हैं, तो उन पार्सलों के लिए बीमा जोड़ने पर विचार करें। इससे आपको और आपके ग्राहकों दोनों को अधिक भरोसा मिलता है और किसी अप्रत्याशित नुकसान की स्थिति में वित्तीय जोखिम कम होता है।
शॉपिफ़ाई के साथ अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट भेजें
ईकॉमर्स अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में सफलता सुनिश्चित करने का पहला कदम है, एक स्पष्ट रणनीति तैयार करना। क्या भेजना है, कैसे भेजना है, कहाँ भेजना है, और किस लागत पर भेजना है, इन बातों पर सोच-विचार और शोध आपको दुनिया भर में अपना बिज़नेस बढ़ाने के लिए बेहतर तैयार करेगा।
नई तकनीकें और तरीके आज़माना याद रखें। शिपिंग एक बदलता हुआ और मौसमी उद्योग है। जैसे-जैसे नए ऑफ़र या बदलाव आते हैं, अपनी शिपिंग रणनीति को फिर से लागू करें और बेहतर बनाते रहें।
इंटरनेशनल शिपिंग से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का सबसे सस्ता तरीका क्या है?
भारत में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का सबसे किफायती विकल्प अक्सर India Post या विभिन्न शिपिंग एग्रीगेटर प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से उपलब्ध इकोनॉमी सेवाएँ होती हैं। वहीं DHL Express, FedEx और UPS जैसी निजी कंपनियाँ तेज़ लेकिन अपेाकृत महंगी सेवाएँ प्रदान करती हैं।
इकोनॉमी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं में डिलीवरी का समय अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, लेकिन ये एक्सप्रेस सेवाओं की तुलना में अधिक किफायती होती हैं। दूसरी ओर, DHL Express, FedEx और UPS जैसी सेवाएँ तेज़ डिलीवरी प्रदान करती हैं, लेकिन उनकी लागत आमतौर पर अधिक होती है।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इतनी महंगी क्यों होती है?
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग महंगी होने के कई कारण हैं, जिनमें लंबी दूरी का परिवहन, कस्टम प्रक्रिया, अलग-अलग देशों के आयात शुल्क, और हैंडलिंग व प्रोसेसिंग शुल्क शामिल हैं। कैरियर लागत, सुरक्षा और नियमों का पालन भी कुल खर्च बढ़ाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय पैकेज आने में इतना समय क्यों लेते हैं?
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और लंबी दूरी के पार सामान भेजने में कई लॉजिस्टिक चुनौतियाँ होती हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय पैकेज पहुँचने में समय लेते हैं।
कस्टम क्लियरेंस, अलग-अलग देशों के शिपिंग नियम, और कई डाक प्रणालियों व अंतरराष्ट्रीय कैरियर के बीच समन्वय में देरी हो सकती है। मौसम, भू-राजनीतिक स्थिति, या गंतव्य पर सीमित परिवहन ढाँचा भी देरी का कारण बन सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में कितना समय लगता है?
किसी अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट को गंतव्य तक पहुँचने में लगने वाला समय काफी अलग-अलग हो सकता है।
यह भेजने की जगह और प्राप्तकर्ता के बीच दूरी, चुने गए शिपिंग तरीके, कस्टम क्लियरेंस प्रक्रिया, और अनियंत्रित देरी जैसे कारकों पर निर्भर करता है। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग में कुछ दिन से लेकर कई सप्ताह तक लग सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का भुगतान कौन करता है?
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का भुगतान कौन करेगा, यह बिज़नेस अपनी शिपिंग नीतियों के जरिए तय करता है। बिज़नेस अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय शिपिंग विकल्प भी दे सकते हैं, जिनमें कुछ का भुगतान वे खुद करते हैं और कुछ में ग्राहक से भुगतान लिया जाता है, जैसे त्वरित डिलीवरी के मामले में।
अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रक्रिया के दौरान क्या होता है?
जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माल भेजते हैं, तो पैकेज कई चरणों से गुजरता है, जिनमें पिकअप, हवाई, समुद्री या सड़क मार्ग से परिवहन, कस्टम क्लियरेंस प्रक्रिया, और अंत में प्राप्तकर्ता तक डिलीवरी शामिल है।
रास्ते में पैकेज को अलग-अलग कैरियर संभाल सकते हैं और आयात नियमों के पालन की पुष्टि के लिए उसकी जाँच भी हो सकती है।

