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टेक्स्ट, ईमेल, और चैटबॉट के इस दौर में फ़ोन उठाकर सीधे किसी बिज़नेस को कॉल करना ग्राहकों के लिए एक अच्छा बदलाव साबित हो सकता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि अपना खुद का बिज़नेस फ़ोन नंबर कैसे लें, तो एक अलग नंबर सेट-अप करके अपने ग्राहकों को आप सीधे फ़ोन करने की सुविधा दे सकते हैं। इससे आपके निजी नंबर की गोपनीयता भी बनी रहती है।
बिज़नेस फ़ोन लाइन सेट करना काफ़ी आसान होता है। हाँ, आपकी कंपनी के आकार और नंबर के इस्तेमाल के उद्देश्य के आधार पर कई विकल्प मौजूद हैं। तो चलिए शुरू करते हैं।
बिज़नेस फ़ोन नंबर रखने के कारण
अगर आप कोई छोटा बिज़नेस या ईकॉमर्स स्टोर चलाते हैं, तो बिज़नेस फ़ोन नंबर आपके लिए काफ़ी कारगर साबित हो सकता है। बिज़नेस फ़ोन नंबर सेट-अप करने के कुछ मुख्य कारण हैं:
- बिज़नेस से जुड़ी बातचीत व्यवस्थित रहती है। बिज़नेस नंबर सेट-अप करने से आपकी निजी और काम से जुड़ी कॉल्स अलग रहती हैं। इस तरह, अपने काम से जुड़े मैसेज ढूँढने के लिए आपको अपना इनबॉक्स खंगालना नहीं पड़ता।
- आपका निजी नंबर प्राइवेट रहता है। बिज़नस के लिए अपने निजी मोबाइल जैसी किसी मौजूदा फ़ोन लाइन का इस्तेमाल करना आकर्षक तो लग सकता है, लेकिन बिज़नेस नंबर सेट-अप करने से आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा बनी रहती हैं।
- ग्राहकों से बातचीत प्रोफ़ेशनल बनी रहती है। एक अलग बिज़नेस नंबर से आपके ब्रांड की एक प्रोफ़ेशनल इमेज बनती है। साथ ही, अपनी कंपनी के मुताबिक़ आप ऑटो-रिस्पॉन्स और वॉइसमेल ग्रीटिंग सेट कर सकते हैं।
- कर्मचारियों को भी नंबर इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है। अगर आपके छोटे-से बिज़नस में कई कर्मचारी हैं, तो उसे अपने निजी फ़ोन नंबर से चलाने में न तो कोई समझदारी है और न ही वह मुमकिन होता है। एक अलग बिज़नेस नंबर होने से पूरी कंपनी एक ही नंबर से ग्राहकों तक पहुँचकर उनसे बातचीत कर सकती है।
- यह आपके बिज़नेस के साथ आगे बढ़ता है। एक समर्पित नंबर सेट करने से अपने बिज़नेस के फलने-फूलने के बाद भी आप उसका इस्तेमाल जारी रख सकते हैं। इस तरह, आगे चलकर नंबर बदलने में आपको परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
इस बारे में और जानने के लिए आप इस वीडियो को देख सकते हैं। ज़रूरत पड़ने पर सबटाइटल्स ऑन कर लें (ऑटो जेनरेट)।
बिज़नेस फ़ोन नंबर के टाइप
जिस तरह फ़ोन कई तरह के होते हैं, उसी तरह बिज़नेस फ़ोन नंबर भी कई प्रकार के होते हैं। आपके लिए कौन-सा नंबर सही रहेगा, यह आपके बजट और उसके इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है।
लोकल फ़ोन नंबर
जैसा कि इसके नाम से ही ज़ाहिर है, लोकल बिज़नेस फ़ोन नंबर किसी खास जगह से जुड़ा होता है। इन नंबरों में एक लोकल एरिया कोड शामिल होता है। फ़िजिकल स्टोर, रेस्टोरेंट और घर की साफ-सफाई, निर्माण, केटरिंग, शादी-ब्याह जैसी सेवाओं समेत लोकल लेवल पर काम करने वाले तमाम बिज़नेस के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प होता है। लोकल नंबर लोकल कंपनियों के लिए भी एक बढ़िया विकल्प होता है। हाँ, अगर आप मुख्य रूप से ऑनलाइन बिक्री करते हैं और आपको देशभर से या विदेश से भी कॉल्स आती है, तो हो सकता है कि लोकल नंबर आपके लिए उतना कारगर न हो।
वर्चुअल फ़ोन नंबर या VoIP
वर्चुअल फ़ोन नंबर को VoIP (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) के नाम से भी जाना जाता है। ये इंटरनेट-आधारित फ़ोन नंबर होते हैं, जो किसी खास जगह या डिवाइस से जुड़े नहीं होते। कॉल करने वाले व्यक्ति के लिए ये सामान्य फ़ोन नंबर की तरह काम करते हैं, जबकि बिज़नेस ओनर्स इन्हें सर्विस प्रोवाइडर के ऑनलाइन डैशबोर्ड से मैनेज कर सकते हैं। भारत में Exotel (एग्ज़ोटेल) और MyOperator (मायऑपरेटर) जैसी सेवाओं के ज़रिए वर्चुअल फ़ोन नंबर सेट-अप किए जा सकते हैं। चुने गए प्लान के आधार पर ग्राहक कॉल या मैसेज कर सकते हैं और वॉइस मैसेज छोड़ सकते हैं।
टोल-फ़्री नंबर
टोल-फ़्री फ़ोन नंबर आमतौर पर 1800 जैसे टोल-फ़्री कोड से शुरू होते हैं। पहले लंबी दूरी की कॉल करने के लिए शुल्क देना पड़ता था, लेकिन इन नंबरों पर कॉल करना फ़्री था। अब भले ही ज़्यादातर लोगों को लंबी दूरी की कॉल करने के लिए अलग से शुल्क नहीं देना पड़ता, फिर भी टोल-फ़्री नंबरों पर कॉल करना अब भी फ़्री है। यह उन कंपनियों के लिए बढ़िया होता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर अपने ब्रांड की पहचान बनाना चाहती हैं।
फ़ोन मेन्यू सिस्टम
ज़्यादा एडवांस्ड बिज़नेस फ़ोन सिस्टम के लिए Twilio (ट्विलियो) जैसी सेवाएँ फ़ोन मेन्यू (या फ़ोन ट्री) सेट-अप करने की सुविधा देती हैं। इस फ़ीचर के चलते कॉल करने वाला व्यक्ति या तो बोलकर निर्देश दे सकता है या फिर बटन दबाकर सही विकल्प चुन सकता है (जैसे, "ग्राहक सेवा के लिए 1 दबाएँ"; "कामकाज के समय की जानकारी के लिए 2 दबाएँ")। इस तरह के वर्चुअल फ़ोन सिस्टम को सेट-अप करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसकी मदद से आप अलग-अलग तरह की कॉल्स को फ़िल्टर कर सकते हैं, अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दे सकते हैं, और कॉल्स को संबंधित विभागों तक पहुँचा सकते हैं।
DID नंबर
अगर आपकी कंपनी में कई विभाग और कर्मचारी हैं, तो DID (डायरेक्टेड इनवर्ड डायलिंग) से कॉल करने वाले ग्राहक बिना किसी फ़ोन मेन्यू से गुज़रे सीधे संबंधित कर्मचारी या विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए हर कर्मचारी या विभाग का अलग नंबर या एक्सटेंशन सेट-अप किया जा सकता है।
वैनिटी फ़ोन नंबर
वैनिटी फ़ोन नंबर में टेलीफ़ोन कीपैड पर मौजूद अक्षरों और अंकों का इस्तेमाल करके कोई शब्द या कंपनी का नाम बनाया जाता है। उदाहरण के लिए, 1-800-GOT-JUNK। इस तरह का वैनिटी नंबर मार्केटिंग के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है। ग्राहकों के लिए भी इसे याद रखना काफ़ी आसान होता है, इसलिए हर बार कॉल करने से पहले उन्हें नंबर ढूँढने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
बिज़नेस फ़ोन नंबर कैसे प्राप्त करें
- अपनी ज़रूरतों और बजट की पहचान करें
- कोई प्रोवाइडर या सेवा चुनें
- अपना फ़ोन नंबर और अकाउंट सेट-अप करें
- अपने नंबर का प्रचार करें
अपना खुद का बिज़नेस फ़ोन नंबर सेट-अप करने के लिए नीचे दिए स्टेप्स का पालन करें:
1. अपनी ज़रूरतों और बजट की पहचान करें
आपके लिए सही बिज़नेस फ़ोन नंबर आपके बिज़नेस के आकार और बजट पर निर्भर करेगा। क्या आपकी कंपनी में कई कर्मचारी हैं और उन्हें कई सारी इनकमिंग कॉल्स संभालनी पड़ती हैं? क्या आपको कभी-कभार ही कस्टमर सर्विस से जुड़ी कॉल्स आती हैं? इस सेवा पर आप कितना पैसा खर्च कर सकते हैं? सही विकल्प चुनने से पहले आपको इन सभी सवालों पर विचार कर लेना चाहिए।
2. कोई प्रोवाइडर या सेवा चुनें
अगर आपकी कंपनी बड़ी है और उसमें कई विभाग, कर्मचारी या लोकेशन हैं, तो आप इनमें से किसी क्लाउड टेलीफ़ोनी प्रोवाइडर की सेवाएँ ले सकते हैं:
- Twilio (ट्विलियो)। Twilio (ट्विलियो) API पर आधारित क्लाउड कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म है, जिसकी मदद से बिज़नेस कॉलिंग और फ़ोन के दूसरे फ़ीचर्स सेट-अप कर सकते हैं। हाँ, भारत में उपलब्ध नंबरों, सुविधाओं, और फ़ीचर्स के लिए आपको इनकी वेबसाइट पर दी जानकारी देख लेनी चाहिए।
- MyOperator (मायऑपरेटर): वर्चुअल और टोल-फ़्री नंबर के साथ यह कॉल रूटिंग, रिकॉर्डिंग, एनालिटिक्स और दूसरी बिज़नेस कम्युनिकेशन सुविधाएं देता है। इसकी कीमत आपकी कॉल वॉल्यूम और चुनी गई सुविधाओं पर निर्भर करती है।
- Airtel IQ Cloud Telephony (एयरटेल आईक्यू क्लाउड टेलीफ़ोनी): इसकी मदद से बिज़नेस एक ही नंबर से इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल संभाल सकते हैं। इसमें कॉल मास्किंग और टोल-फ़्री नंबर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
वहीं, छोटे बिज़नेस और एंटरप्रेन्योर अपने बिज़नेस के लिए अलग SIM या eSIM ले सकते हैं। इससे काम और निजी जीवन पूरी तरह से अलग तो नहीं होंगे, लेकिन आपका निजी नंबर प्राइवेट रहेगा और ग्राहकों को कॉल करने के लिए एक अलग नंबर मिल जाएगा।
3. अपना फ़ोन नंबर और अकाउंट सेट-अप करें
प्रोवाइडर चुनने के बाद आपको एक फ़ोन नंबर चुनकर अपना अकाउंट सेट-अप करना होगा। किसी आम वर्चुअल फ़ोन सर्विस या अलग बिज़नेस SIM के लिए मुख्य रूप से वॉइसमेल मैसेज सेट-अप करके आपको यह तय करना होता है कि कॉल्स प्राइवेट नंबर पर फ़ॉरवर्ड करनी हैं या नहीं। वहीं, Twilio (ट्विलियो) जैसी सर्विस के जरिए पूरा फ़ोन मेन्यू सेट-अप करने की प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है।
4. अपने नंबर का प्रचार करें
बिज़नेस नंबर सेट-अप करने के बाद उस पर कॉल्स आना भी ज़रूरी होता है। अपना बिज़नेस नंबर बिज़नेस वेबसाइट, ईकॉमर्स स्टोर, सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल मार्केटिंग कैंपेन, और लोकल बिज़नेस डायरेक्टरी पर डालें, ताकि लोग आसानी से आपसे संपर्क कर सकें। इस नंबर को आप अपने बिज़नेस कार्ड पर भी छपवा सकते हैं। अगर आपका ईकॉमर्स स्टोर है, तो आप हर पैकेज में अपना बिज़नेस कार्ड डाल सकते हैं, ताकि ग्राहकों को पता रहे कि आपसे संपर्क कैसे किया जा सकता है।
बिज़नेस फ़ोन नंबर कैसे प्राप्त करें: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुझे फ़्री बिज़नेस फ़ोन नंबर कैसे मिल सकता है?
भारत में हमेशा के लिए फ़्री बिज़नेस फ़ोन नंबर देने वाली सेवाएँ सीमित हैं। हाँ, Exotel (एग्ज़ोटेल) जैसे कुछ क्लाउड टेलीफ़ोनी प्रोवाइडर फ़्री ट्रायल देते हैं, जिससे आप भुगतान वाला प्लान चुनने से पहले सर्विस को आज़माकर देख सकते हैं। छोटे बिज़नेस के लिए एक अलग SIM या eSIM लेना भी किफ़ायती विकल्प हो सकता है, लेकिन उसके लिए मोबाइल प्लान का शुल्क देना होता है।
बिज़नेस फ़ोन नंबर कैसे बनाया जाता है?
बिज़नेस फ़ोन नंबर सेट-अप करने से पहले आपको अपनी कंपनी की ज़रूरतों और बजट का आकलन करना होगा। इसके बाद Twilio (ट्विलियो), Exotel (एग्ज़ोटेल), MyOperator (मायऑपरेटर) या Airtel IQ (एयरटेल आईक्यू) जैसी उपलब्ध सेवाओं में से सही विकल्प चुन लें। आप अपने टेलीकॉम प्रोवाइडर से संपर्क करके अलग मोबाइल नंबर या बिज़नेस लाइन भी ले सकते हैं।
बिज़नेस फ़ोन नंबर सेट-अप करने में कितना खर्च आ जाता है?
इसका खर्च आपके चुने गए नंबर और सर्विस टाइप पर निर्भर करेगा। एक अलग SIM या eSIM की कीमत आपके टेलीकॉम ऑपरेटर और मोबाइल प्लान के मुताबिक होगी। क्लाउड टेलीफ़ोनी और टोल-फ़्री नंबर के बेसिक प्लान आमतौर पर लगभग ₹1,500 से ₹2,500 प्रति माह से शुरू हो सकते हैं। IVR, कॉल रिकॉर्डिंग, एनालिटिक्स और CRM इंटीग्रेशन जैसी एडवांस्ड सुविधाओं के लिए ज़्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। कीमतें समय के साथ बदल सकती हैं, इसलिए प्लान चुनने से पहले प्रोवाइडर की मौजूदा दरें ज़रूर देख लें।

